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राष्ट्रभक्ति बीजेपी या आर येस येस की बपौती नहीं, आज आम युवक जाग गए हैं। आरएसएस के नाम पर कन्हैया जैसे देशद्रोही हमें नसीहत नहीं दे सकते। आर येस येस और कन्हैया जैसों की  नूराकुश्ती को यूथ4स्वाराज पूरी तरह से पहचानता है। हम समझते हैं इनकी आपसी विरोध, दोनों की दूकान चलते रहने कि एक कवायद है। यूथ4स्वराज युवाओं की बात करता है। उन युवायों की, जो आज आवेशित हैं और कन्हैया जैसे दलालों के देशद्रोही प्रपंच को बखूबी समझते हैं। हम ये समझते हैं कि कन्हैया ने युवाओं खासकर बिहार के युवाओं के लिए एक गलत मिसाल पेश की है। कन्हैया की बातें और कर्म, त्वरित प्रचार द्वारा मूल समस्याओं की सतही बात करते हुए व्यक्तिगत और किन्ही खास दलों को लाभ पहुंचाने तक ही सीमित है। जबकि इसके कुकृत्यों के कारण देश को दीर्घकालिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।समतामूलक समाज बंनाने हेतु समर्पण और देशप्रेम की मूल भावना आवश्यक है। विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए एक व्यवस्थित एवं समर्पित प्रयास की जरुरत है। बिना राष्ट्र भावना से ओत प्रोत हुए ये संभव नहीं है। कन्हैया जैसे लोगों ने आज राष्ट्रभक्ति को एक कमजोरी के रूप में पेश करने की कोशिश की है। यूथ4स्वराज, देश के विरुद्ध उठाये गए किसी भी प्रयास का, शान्तिपूर्वक विरोध करता रहेगा। चाहे इसके लिए उसे पुलिस की ज्यादतियाँ सहनी पड़े या कन्हैया जैसे लोगों के गुंडों द्वारा मार खानी पड़े। कल शांतिपूर्ण विरोध कर रहे निहथ्थे छात्रों की बर्बर पिटाई हुई। पुलिस ने हमें ही गिरफ्तार किया। जिन कन्हैया भक्तों ने हिंसक हो, हमारे शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकार की आजादी छीनी, उनपर कोई काररवाई नहीं हुई। कल विरोध करने वालों में दीपक कुमार..... और .. उपस्थित थे।